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फर्जी IAS बनकर करोड़ों की ठगी, पति-पत्नी गिरफ्तार

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मधेपुरा में एक दंपति ने खुद को IAS अधिकारी और बॉडीगार्ड बताकर सरकारी ठेके दिलाने के नाम पर करीब 35 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

मधेपुरा/आलम की खबर: जिले में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति-पत्नी ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई और पीड़ितों के सहयोग से जांच आगे बढ़ाई गई।

मामले के अनुसार, पीड़ित नारायण यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में सिंहेश्वर में आयोजित एक बड़े सत्संग कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात आरोपियों से हुई थी। वहां मौजूद दंपति वीआईपी अंदाज में और सरकारी रौब के साथ नजर आया। आरोपी खुद को बड़े अधिकारी के रूप में पेश कर लोगों को प्रभावित करते थे। पुलिस के मुताबिक, पति-पत्नी का यह तरीका लोगों को फंसाने के लिए काफी व्यवस्थित और पेशेवर था।

पति-पत्नी का अनोखा तरीका

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी सन्नी कुमार राय अपनी पत्नी श्रद्धांजली देवी को IAS अधिकारी बताता था, जबकि खुद वर्दी पहनकर उसका बॉडीगार्ड बनता था। उनकी गाड़ी पर ‘प्रधान सचिव’ का फर्जी बोर्ड लगा रहता था, जिससे आम लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते थे। यही अनोखा तरीका उन्हें अन्य सामान्य ठगों से अलग बनाता था।

पीड़ित ने बताया कि बातचीत के दौरान आरोपियों ने सरकारी ठेके दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से करीब 34.74 लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब लंबे समय तक ठेके नहीं मिले और पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का iPhone भी छीना गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पीड़ित की शिकायत पर मधेपुरा सदर थाना में मामला दर्ज किया गया। एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी कई ठगी के मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस ने पटना में छापेमारी कर सन्नी कुमार राय और श्रद्धांजली देवी को गिरफ्तार किया। उनके पास से फर्जी बोर्ड लगी गाड़ी और लूटा गया iPhone बरामद हुआ।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दंपति का ठगी करने का तरीका बेहद चालाक और व्यवस्थित था। वे सरकारी रौब और फर्जी पहचान के सहारे लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। फिलहाल दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

ठगी की शैली और चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठगी में आरोपी अक्सर लोगों के भरोसे और प्रतिष्ठा का फायदा उठाते हैं। फर्जी आईएएस और सरकारी अधिकारी बनने के मामले पिछले कुछ सालों में बढ़े हैं। लोग किसी भी बड़े ठेके या सरकारी काम के लिए मिलने वाले प्रस्तावों को सावधानीपूर्वक जांचे बिना भरोसा न करें।

इस मामले में भी पीड़ित ने बताया कि आरोपी पहले बहुत विश्वासनीय और पेशेवर दिखाई देते थे। वीआईपी गाड़ी, सरकारी रौब और फर्जी बोर्ड जैसे तत्व लोगों को आसानी से आकर्षित करते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए हमेशा सरकारी ऑफिसियल वेबसाइट या प्रमाणिक माध्यम से ही किसी भी ठेके या सरकारी सुविधा की पुष्टि करनी चाहिए।

प्रशासन और पुलिस की चेतावनी

मधेपुरा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की फर्जीवाड़ा करने वाली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें। किसी भी व्यक्ति या दंपति द्वारा सरकारी ठेके दिलाने का दावा किया जाए, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन से संपर्क करें। साथ ही ऑनलाइन लेन-देन या पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

एसपी मधेपुरा ने भी कहा कि पुलिस लगातार इस तरह के अपराधों पर नजर रखे हुए है और लोगों को फंसे बिना सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

निष्कर्ष

मधेपुरा का यह मामला बताता है कि आज भी लोग सरकारी रौब और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने में सक्षम हैं। ऐसे अपराधों को रोकने के लिए न केवल पुलिस और प्रशासन सतर्क रहना जरूरी है, बल्कि आम जनता को भी जागरूक और सतर्क रहना होगा। फिलहाल सन्नी कुमार राय और श्रद्धांजली देवी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए जांच जारी रखे हुए है।

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